Ek Badlav

“जब भी कोई फैसला लीजिये
दिल से फिर मशविरा कीजिये
दिल आपका सही उत्तर देगा
तो अंतरआत्मा तमाम परदे उठायेगी
कभी कभी कुछ विशेष परिस्तिथियाँ
  कुछ विशेष प्रयासों की मांग कर उठती हैं”

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