Last Luxury

“नियति का चक्र समय की धुरी पर गतिवान है
समय का पलड़ा समय पर ही ऊपर नीचे होता है
कभी कभी कामयाब पर गलत कोशिश हो जाती है
अपने वजूद को पाने की”

“हमारा कर्म क्षेत्र भी एक आध्यात्मिक यात्रा का रूप होता है
तब जब साध्य की तरह साधन भी पवित्र हों”

“वस्तुतः ध्यान ही अंतिम ऐश्वर्य है”

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