Nayi Dishayein

“इन्सान अगर सफल होता है
तो नई दिशायें खुलती हैं और
उसकी भूमिका में विविधता आती है
इसलिए परिस्तिथियों पर दबाव पर
पकड़ बनाइये और बढ़त भी”

“अगर आप विपरीत परिस्तिथियों से उबर कर
अपने आप को सम्हाल न सके तो एक नियमित
अन्तराल पर स्वाभाविक तौर पर कुछ न कुछ खोते चले जायेंगे
और अगर सम्हाल लेंगे समय बेहतरी के वादे के साथ आएगा “

“अपने आप को सम्हाल लेने पर खूबी यह है
की समीकरण सुलझते नजर आने लगते हैं”

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