Aadhe Adhure Lakshya

“इंसान एक तरफ जहाँ बेहद साधारण है
वहीं दूसरी तरफ बौद्धिकता से धधकता ज्वालामुखी “

“आधे अधूरे लक्ष्य किसी नतीजे पर नहीं पहुँचते हैं
जो आत्मा के अंदर से निकलते हैं,वही लक्ष्य तक पहुंचाते हैं
अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और हौसले बुलंद हों तो मंजिल तक पहुंचना कठिन नहीं होता”

“स्वागत करें इस नए पल का
संकल्प लें एक खूबसूरत नए कल का”

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