Subeh Hone Se Pehle

“चेहरे पर ख़ुशी,आँखों में आंसू जैसे सावन की धूप में बारिश की बूंदे” “सुबह होने से पहले अंधेरा घाना हो जाता है जो यह जानते हैं उनके लिए यह सुसमाचार है” “आँखों में कुछ आंसू और कुछ सपने हैं ये आंसू और सपने दोनों ही अपने हैं”

Nayi Dishayein

“इन्सान अगर सफल होता है तो नई दिशायें खुलती हैं और उसकी भूमिका में विविधता आती है इसलिए परिस्तिथियों पर दबाव पर पकड़ बनाइये और बढ़त भी” “अगर आप विपरीत परिस्तिथियों से उबर कर अपने आप को सम्हाल न सके तो एक नियमित अन्तराल पर स्वाभाविक तौर पर कुछ न कुछ खोते चले जायेंगे और […]

Dhara Ke Khilaf

“मैं तो तैर रहा हूँ कब से धारा के खिलाफ सांस लेने के बहाने पानी के बाहर सर निकालकर देखते हुए बादलों का रुख” “जहाज कागजी ताउम्र नहीं चलने का सम्हल जा अभी वक़्त है सम्हलने का” “जिसे जिन्दगी कहते हैं, राज है गहरा पतझड़ के साथ सावन दरिया के साथ सहारा”

Ek Ajmaish

“आजमाइश के वक़्त सब कुछ झोंक दीजिये ईश्वर आपकी मदद करेंगे” “कभी कभी एक अच्छी सफलता सारी बाधाओं को एक झटके में तोड़ देती है”

Last Luxury

“नियति का चक्र समय की धुरी पर गतिवान है समय का पलड़ा समय पर ही ऊपर नीचे होता है कभी कभी कामयाब पर गलत कोशिश हो जाती है अपने वजूद को पाने की” “हमारा कर्म क्षेत्र भी एक आध्यात्मिक यात्रा का रूप होता है तब जब साध्य की तरह साधन भी पवित्र हों” “वस्तुतः ध्यान […]

Khamosh Yoddha

“कभी कभी एक स्थिति हमको खामोश योद्धा बना देती है और जब इस खामोश योद्धा को कर्म के साथ भाग्य का मिलन नसीब होता है तो प्रतयेक कार्य में एक लयवृद्धता आ जाती है”

Ek Mulakat

“जहाँ में उसने बहुत बड़ी बात करली जिसने अपनी आत्मा से मुलाकात करली”

Human Power

“हर इंसान के भीतर एक ताकत छुपी हुई होती है बशर्ते वह इसे पहचाने,ऊपर से कमजोर और अकेला दिखने वाला इंसान भी मजबूत दिल और बुलंद इरादों से हर लड़ाई जीत सकता है”

Man Se Bagawat

“अगर कश्ती का लंगर टूटता है तो लश्कर का लश्कर छूटता है” “बगावत हो अगर अपने ही मन से  तो दारा क्या सिकंदर भी टूटता है”||

Swayam Ka Parichay

मैं ही हूँ जो काल के वेग से हांफता हूँ , मैं ही हूँ जो सच से कांपता हूँ || मैं ही हूँ जो संकट को भांपता हूँ , और वही मैं हूँ जो अपने धैर्य को नापता हूँ|