Ek Badlav

“जब भी कोई फैसला लीजिये दिल से फिर मशविरा कीजिये दिल आपका सही उत्तर देगा तो अंतरआत्मा तमाम परदे उठायेगी कभी कभी कुछ विशेष परिस्तिथियाँ   कुछ विशेष प्रयासों की मांग कर उठती हैं”

Meri Ibadat

“एक अजब मंजर है तेरी इबादत का न तूने कैद में रखा न हम फरार हो पाए”

Hazaron Ummeedein

“कितनी ही कामयाबियों का जश्न और नाक़ामयाबियों का मातम मनाएं बिना आगे बढ़ते रहें खुद को खोजें बादलों के पीछे हजार सूरज होते हैं”